संदेश

जून 18, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Digital news platform

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2025 तक अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। यहाँ उनके कुछ प्रमुख कार्यों और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

चित्र
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2025 तक अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। यहाँ उनके कुछ प्रमुख कार्यों और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है: 1. आर्थिक सुधार और विकास   मेक इन इंडिया (2014): भारत को विनिर्माण और निवेश का केंद्र बनाने के लिए शुरू की गई इस पहल ने उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में सुधार किया। इसका लक्ष्य भारत को नौकरी देने वाला देश बनाना था। आर्थिक वृद्धि:   2014 में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें स्थान पर थी, जो 2025 तक चौथे स्थान पर पहुंच गई। भारत ने जापान को पीछे छोड़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी हासिल की। पारदर्शी प्रशासन: कोयला ब्लॉक नीलामी जैसे कदमों से भ्रष्टाचार को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 67 कोयला ब्लॉकों की नीलामी से 3.35 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ । 2. सामाजिक कल्याण योजनाएँ  प्रधानमंत्री आवास योजना  (PMAY): 2014 से 2024 तक 4.2 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी गई, और 2024 में तीसरे कार्यकाल में 3 करोड़ अतिरिक्त घरों के लिए सहायता स्वीकृत की गई। इसका उद्देश...

शिक्षा विभाग से अब भूमि सुधार....क्या बिहार में अब केके पाठक करेंगे नया चमत्कार?

चित्र
बिहार में शिक्षा और भूमि सुधार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता निश्चित रूप से है। हालांकि, केके पाठक की नियुक्ति इस दिशा में एक उल्लेखनीय कदम हो सकता है, लेकिन यह देखना होगा कि वे वास्तव में क्या हासिल करते हैं। कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं: 1. शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए शिक्षकों की नियुक्ति, स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास, पाठ्यक्रम अपडेट करना और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाना आवश्यक है। 2. भूमि सुधार के लिए रिकॉर्ड को डिजिटल करना, भूमि विवादों के निपटान का तंत्र सुव्यवस्थित करना और किसानों के हितों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। 3. सरकार को इन क्षेत्रों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और केवल केके पाठक जैसे अधिकारियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। 4. साथ ही भ्रष्टाचार और अराजकता से भी निपटना होगा ताकि सुधारों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। सरकार की प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली पर भी निर्भर करेगा कि केके पाठक किस हद तक सफल होते हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति एक सकारात्मक संकेत जरूर है।